विंध्य भास्कर/ रीवा। मऊगंज अंतर्गत ग्राम गड़ार में सुबह साकेत परिवार के तीन सदस्यों का शव शुक्रवार को मिला है। गडऱाकांड घटनास्थल से दो घर पहले रहने वाले औसरी साकेत, पुत्री मीनाक्षी 11 सालऔर बेटे अमन 8 साल का शव फांसी से लटकता मिला है। लोगों को इसकी जानकारी दुर्गंध आने पर हुई। जानकारी के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने शव को जप्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
-
पूर्व विधायक का आरोप, पुलिस दबाव का परिणाम
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक घर से दुर्गंध आ रही है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने दरवाजा तोडक़र देखा तो पिता, पुत्री और बेट का शव फांसी से लटकता मिला। पुलिस प्रांरभिक द़ृष्टवार में आत्महत्या का मामला मान कर जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसके भाइयों से विवाद चल रहा है इसे लेकर परेशान था। हालांकि मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद चलेगा।
मौके पर पहुंचे कांग्रेस विधायक
इस घटना की जानकारी होते कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना मौके पर पहुंच गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि गडऱा हत्याकांड के बाद पुलिस आरोपियों को पकडऩे के लिए जिस तरह से गांव में घेराबंदी कर रही थी और आरोपियों को पकडऩे पूछतांछ कर रही है। इसी प्रताडऩा से तंग आकर यह परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
तीन दिन पहले दिखा था परिवार
इस घटना को लेकर पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत ने बताया कि मृतक परिवार के किसी भी सदस्य घटना में शामिल नहीं था। घटना दिनांक के तीन दिन पहले वह परिवार के सदस्य बाहर घूमते देख गए थे। इतना नहीं घटना के दो दिन बाद भी परिवार के सदस्य वहां मौजूद थे। पुलिस के द्वारा कोई भी दबाव जैसी बात अभी सामने नहीं आई है। इस संबंध में बारिकी से जांच की जा रही है।
भाजपा विधायक भी मौके पहुंचे
इस घटना के खबर लगते ही मऊगंज भाजपा विधायक प्रदीप पटेल भी मौके पर पहुंच है। वहीं घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। इसे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और अधिकारी मौके पर मौजूद है।
परिवार के परिजनों ने शव ले जाने से रोका
मृतक औसरी के भाई व परिजनों ने पुलिस को शव ले जाने से रोका । परिजनों का कहना है कि अन्य रिश्तेदारों के आने के बाद ही शव ले जाने देंगे। साथ ही परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद पुलिस ने जेठ से मारपीट की थी । इसके बाद वह घर से नहीं निकली
सिलाई कर करता था परिवार का भरण पोषण
बताया जा रहा है कि मृतक औसरी साकेत की पहली पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। वहीं दूसरी पत्नी अपने दो बच्चों को लेकर चल गई है। औसरी अपने दो बच्चों के साथ रहता था और सिलाई कर परिवार का भरण पोषण करता था।